
जोशीमठ (सूरज कपरूवान) जोशीमठ नगर में पिछले 1 साल से कई स्थानों पर आवासीय भवनों एवं जमीनों पर आ रही दरारों से स्थानीय निवासी भयभीत हैं। जहां क्षेत्र के सुनील एवं गांधीनगर क्षेत्र के कई मकान रहने लायक नहीं रहे हैं वही अब धीरे-धीरे ये दरारे मनोहर बाग क्षेत्र में भी फैलने लगी है। पिछले 1 महीने से शुरू हुई हल्की दरारें आम लोगों के आवासीय भवनों में भी पहुंच गई है। जहाँ नगरपालिका की सड़क पर शुरू हुई दरारे चौड़ी होकर 3 से 4 इंच तक फैल गई है वही आवासीय भवनों पर दरारे दिखने लगी है। इस समस्या को लेकर मनोहर बाग क्षेत्र की महिलाओं ने एसडीएम जोशीमठ को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के जल्द निराकरण करने की मांग की।

महिलाओं का कहना है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई बारिश से क्षेत्र में थोड़ा बहुत बहुत भू-धसाव हुआ था लेकिन अभी सूखे के मौसम में भी लगातार बढ़ रही दरारों के लिए कई अन्य कारण जांच में सामने आ सकते हैं।

जोशीमठ क्षेत्र के मनोहर बाग़ के ऊपरी क्षेत्र में स्थित आइटीबीपी के आवासीय भवनों व पर्यटन विभाग के हॉस्टल के पानी की उचित निकासी ना होना क्षेत्र में उत्पन्न हो रही समस्या का कारण हो सकता है, साथ ही एनटीपीसी की तपोवन टनल भी इस समस्या का संभावित कारण हो सकती है। महिलाओं ने मांग की कि जल्द छेत्र का सर्वे कराकर उनकी व उनके आवासीय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वहीं एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी का कहना है कि पूर्व में भी लोगों ने इस प्रकार की समस्या को लेकर इसके समाधान की मांग उठाई थी। जिसके बाद क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण हुआ है और सरकार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अब शासन स्तर से ही इस पर कार्यवाही हो सकती है।

ज्ञापन देने वाली महिलाओं में देवेश्वरी कपरूवान, सुबोधिनी के साथ कई अन्य शामिल थे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि अमित सती, पूर्व पालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती आदि का कहना है कि भविष्य में इस समस्या के समाधान के लिए उनके द्वारा सभी जनता को साथ लेकर एक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी ताकि समय से जोशीमठ के अस्तित्व को बचाने का प्रयास किया जा सके.




