देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में रंगकर्मी एसपी ममगाईं द्वारा लिखित उत्तराखंड के ऐतिहासिक नाटक ‘तिलोगा की वेदना और तीलू का शौर्य’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया। श्री ममगाई न पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
शनिवार को मुख्य अतिथि व लोक गायक नरेन्द्र सिं नेगी, रंगकर्मी डा.डीआर पुरोहित ने पुस्तक का विमोचन किया। मुख्य अतिथि श्री नेगी ने कहा कि एसपी ममगाईं के नाटकों का अपना अलग अंदाज है। व अपने आप में चलते फिरते स्कूल हैं। गढ.वाल विश्वविद्यालय के लोक कला निष्पादन केंद्र के प्रोफेसर डा. डीआर पुरोहित ने कहा कि नाटक में संपूर्णता लाने के लिए श्री ममगाईं को खास तौर पर जाना जाता है। कवियत्री बीना बेंजवाल ने ममगाई द्वारा लिखित दोनों नाटकों पर प्रकाश डाला। लेखक नंदकिशोर हटवाल ने तिलोगा और तीलू के कथानक को विशिष्ट बताया। डा. योगेश धस्माना ने कहा कि आज के दौर में नाटकों का मंचन बेहद दुष्कर कार्य हो गया है। रंगकर्मी एसपी ममगाईं ने अपनी रंग कर्म यात्रा के कुछ प्रसंग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार दिनेश शास्त्री ने किया। इस मौके पर रानू बिष्ट, प्रोग्राम एसोसिएट चन्द्रशेखर तिवारी, सुरेंद्र सजवाण, शैलेन्द्र नौटियाल, शिव जोशी, अमर खरबंदा, रमाकांत बेंजवाल, सुनील कुमार सक्सेना, पुष्पलता ममगाई समेत अनेक संस्कृतिकर्मी, लोक कलाकार, लेखक, साहित्यकार आदि मौजूद थे।



