उत्तराखंड

आपदा के नौ वर्ष बाद भी नही हो पाया सीतापुर पार्किंग का निर्माण कार्य पूर्ण

सीतापुर पार्किंग के लिए 40 करोड़ के सापेक्ष 10 करोड़ ही हुए अवमुक्त

पार्किंग निर्माण के लिए 40 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया। किन्तु आपदा के 9 वर्ष बाद भी यहां पार्किंग का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया।

रुद्रप्रयाग।  केदारनाथ धाम की 2013 की आपदा के बाद यात्रा के मुख्य पड़ावों में शामिल सीतापुर क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था। जबकि यहां स्थित पार्किंग भी निस्तनाबूत हो गयी थी। जिसके बाद यहां पार्किंग निर्माण के लिए 40 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया। किन्तु आपदा के 9 वर्ष बाद भी यहां पार्किंग का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया। जबकि निर्माणदायी संस्था यूपीआरएनएन निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि पूरी न मिलने का रोना रो रही है।

आपदा के बाद सीतापुर पार्किंग के लिए तत्कालीन सरकार ने पर्यटन विभाग को 40 करोड़ की धनराशि का बजट स्वीकृत किया था। जिसके बाद पर्किंग के निर्माण का जिम्मा यूपी निर्माण निगम लि. को दिया गया। जिसके चलते यहां दो ओक्टागन बिल्डिंग्स का निर्माण किया जाना था। साथ ही यात्री आवास, डॉरमेट्री, पर्किंग, दुकानें इत्यादि निर्माण किये जाने थे। किंतु सरकार ने पार्किंग निर्माण के लिए जहां 40 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी, उसके सापेक्ष सिर्फ 10 करोड़ रुपये ही कार्यदायी संस्था को रिलीज किये। इतनी धनराशि से सिर्फ पार्किंग का बाह्य आवरण भी नहीं बन पाया, व पर्किंग का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। जबकि सरकार व शासन ने पार्किंग निर्माण के लिए 10 करोड़ के बाद अन्य धनराशि अवमुक्त करने पर रोक लगा दी है। शासन ने बजट की कमी का ठीकरा फोड़ कर पार्किंग निर्माण को अधर में छोड़ विकास की रफ्तार को लगाम लगाने का कार्य किया है।  व्यापार संघ अध्यक्ष सीतापुर आशीष कुनियाल ने बताया कि व्यापार संघ के माध्यम से कई बार उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है, परन्तु किसी ने भी इसकी सुध लेने की कोशिश नही की है। निर्माण कार्य काफी समय से बंद ही पड़ा हुआ है।

यूपीआरएनएन के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश राजा ने बताया कि पार्किंग निर्माण के लिए 40 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। जबकि 10 करोड़ की धनराशि यूपीआरएनएन को अवमुक्त हुए थे। किंतु शासन ने 30 करोड़ की धनराशि को अवमुक्त करने पर रोक लगा दी है। जिस कारण निर्माण कार्य बन्द है।

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