रूद्रप्रयाग

मां नंदा के मायके से यात्रियों का दल अयोध्या के लिए हुआ रवाना

36 सदस्य दल पांच दिनों तक करेगा विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन। विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रांत संगठन मंत्री सुबोध चंद्र जी पुरोहित की पहल पर किया जा रहा है धार्मिक यात्रा का आयोजन।

क्वीली, रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पवित्र नन्दा देवी प्रांगण से ग्राम सभा क्वीली के नन्दा भक्तों का 22 सदस्यीय जत्था आज सुबह भक्ति और उत्साह के साथ अयोध्या के लिए रवाना हुआ। पांच दिवसीय इस यात्रा के दौरान भक्त प्रयागराज, बनारस के धार्मिक स्थलों सहित विश्व प्रसिद्ध राम जन्मभूमि अयोध्या में श्री राम लला के दर्शन भी करेंगे। यात्रा की पहल ग्राम सभा क्वीली के युवा और विश्व हिंदू परिषद के दिल्ली प्रांत संगठन मंत्री सुबोध चंद्र जी पुरोहित ने की है। यात्रा आयोजक सुबोध का कहना है कि , “हमारा उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है बल्कि ग्रामीण समुदाय को एक साथ जोड़कर हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखना भी है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान गांव की महिलाओं को अन्य प्रदेशों की संस्कृति से भी परिचित होने का अवसर मिलेगा।”

यात्रा प्रारंभ से पूर्व कुलदेवी के मंदिर में पूजा अर्चना करते दल के सदस्य

यात्रा की शुरुआत नन्दा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना और भक्ति गीतों के साथ हुई। मां नन्दा और भगवान श्री राम के जयकारों के बीच भक्तों ने प्रस्थान किया। ज्ञातव्य है कि देवभूमि उत्तराखंड की ग्राम क्वीली में हिमालय की अधिष्ठात्री मां भगवती नंदा का एक भव्य मंदिर है जहां पर एक वर्ष पूर्व प्रसिद्ध “पातबीड़ा महोत्सव” का आयोजन किया गया था।

यात्रियों को मां नंदा के नाम का पट्टा पहनाता ग्रामीण युवा

यात्रा में शामिल भक्तों ने विशेष रूप से पारंपरिक परिधान धारण कर अपने उत्साह को प्रकट किया। दल के सदस्यों ने बताया कि वे अयोध्या में सामूहिक भजन-कीर्तन और हवन का आयोजन भी करेंगे। यात्रा में भाग ले रहे भक्तों का कहना है कि यह उनके लिए एक अनूठा अवसर है। दल के सदस्य एवं पूर्व ग्राम प्रधान श्री अरविंद पुरोहित ने कहा, “हम सभी अयोध्या जाकर भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए उत्साहित हैं। इस यात्रा से हमें आध्यात्मिक शांति और भगवान श्री राम के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलेगी।”

फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान करते ग्रामीण

पूरी यात्रा के दौरान दल का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण युवा देवेश पुरोहित ने कहा, “यह यात्रा हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और समाज को एकजुट करने का प्रयास है। यात्रा से न केवल आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजमर्रा के कार्यों में जीवन भर संघर्ष करते रहने वाली हमारी माताओं को कुछ दिन आराम के साथ-साथ अनेक तीर्थ स्थलों से परिचित होने का भी अवसर प्राप्त होगा।

ग्राम सभा क्वीली के ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की है। तीर्थ यात्रियों की दल को रवाना करने के अवसर पर युवा पंकज पुरोहित भुवनेश पुरोहित कमलकांत पुरोहित हरिश्चंद्र पुरोहित श्री शशि प्रसाद पुरोहित, मोहित पुरोहित, पल्लवी पुरोहित मनीषा पुरोहित सिद्धू अंजना पुरोहित पूर्वा देवी, स्वारी देवी सहित बड़ी संख्या में युवा महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित थे।

यात्रा दल के सदस्य

97 वर्षीय ग्रामीण पूर्व प्रधानाध्यापक श्री पूर्णानंद पुरोहित ने कहा, “सुबोध चंद्र पुरोहित द्वारा आयोजित यह यात्रा हमारी धार्मिक परंपराओं को मजबूत करने का एक अनुकरणीय प्रयास है। श्री पुरोहित ने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी और यात्राओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं सुदृढ़ हो सकें।

यात्रा दल में श्री राकेश चंद्र पुरोहित, श्री अरविंद पुरोहित, श्री अमरदेव पुरोहित, श्री सच्चिदानंद पुरोहित, श्री राधा कृष्ण पुरोहित, श्री सुधाकर पुरोहित, श्री देवेश पुरोहित, श्रीमती पार्वती देवी, श्रीमती प्रभादेवी, श्रीमती सरोजनी देवी, श्रीमती कमला देवी, श्रीमती शशि देवी, श्रीमती कुसुम लता देवी, श्रीमती कल्पेश्वरी देवी, श्रीमती व्यासा देवी, श्रीमती भगवती देवी, श्रीमती सुमति देवी, श्रीमती वंदना देवी, श्रीमती सतेश्वरी देवी एवं श्रीमती कस्तूरी देवी शामिल हैं।

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